हर प्रभ आसरा सेवा समिति की स्थापना वर्ष 2011 में इस संकल्प के साथ की गई कि समाज में कोई भी व्यक्ति भूखा, बेसहारा, अनाथ, लावारिस, मानसिक रूप से अस्वस्थ या असहाय होकर जीवन न बिताए। हमारी संस्था पिछले कई वर्षों से मानव सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। आज समिति में 610 से अधिक महिला, पुरुष, बच्चे एवं जरूरतमंद मानवों की सेवा, देखभाल, भोजन, चिकित्सा, शिक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। संस्था द्वारा निराश्रित लोगों का उपचार करवाकर उन्हें स्वस्थ जीवन देने तथा उनके परिवारों से पुनः मिलवाने का कार्य भी किया जाता है। अब तक 500 से अधिक लोगों को उपचार एवं पुनर्वास के बाद उनके परिवारों से सफलतापूर्वक मिलाया जा चुका है। इसके साथ ही गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क लंगर सेवा, चिकित्सा सहायता, गौसेवा तथा समाज सेवा के अनेक कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। हमारा विश्वास है कि "मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।"
अनाथ, बेसहारा, लावारिस एवं असहाय लोगों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना। जरूरतमंदों को पौष्टिक भोजन, वस्त्र, चिकित्सा एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना। मानसिक एवं शारीरिक रूप से अस्वस्थ लोगों का उपचार एवं पुनर्वास करवाना। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के अवसर प्रदान करना। समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को बढ़ावा देना। गौसेवा एवं अन्य सामाजिक सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना।
हमारा उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ कोई भी व्यक्ति भूख, बेघरपन, बीमारी या असहायता के कारण उपेक्षित न रहे। हम एक ऐसे भारत की कल्पना करते हैं जहाँ प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले तथा समाज का प्रत्येक नागरिक मानव सेवा को अपना नैतिक कर्तव्य समझे। "इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और मानव सेवा से बड़ी कोई पूजा नहीं।"
CHAIRMAN/PRESIDENT
DOB -10/08/1957
VICE PRESIDENT
DOB -10/10/1962
SECRETARY
DOB -03/07/1969
MEMBER
DOB -10/04/1955
MEMBER
DOB -29/06/1954
MEMBER
DOB -30/10/1994
TREASURER
DOB -01/01/1989
-
DOB -
MEDICAL STAFF
DOB -
-
DOB -
-
DOB -
-
DOB -
-
DOB -